संघ और भाजपा का नया चेहरा , ‘महाराज’ बन रहे हैं एचआरडी मिनिस्टर!

सवा साल का लंबा इंतजार कराने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्दी ही भाजपाई राजनीति के नए ‘सुदर्शन चेहरा’ एवं राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपने मंत्रिमंडल में शामिल करने जा रहे हैं…ऐसी जानकारी अंदर के सूत्रों से मिली है…मुमकिन है कि, ‘महाराज’ को मोदी मंत्रिमंडल में ‘केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री’ बनाया जा सकता है…’महाराज’ अभी संसद की मानव संसाधन विकास समिति (एच.आर.डी.) के सदस्य भी हैं…जबकि उनके पिता माधवराव सिंधिया भी नरसिंह राव सरकार में एच.आर.डी मिनिस्टर रह चुके हैं… ‘महाराज’ को अचानक केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करने की कवायद शुरू होने की वजह क्या है…? इस के पीछे का कारण है संघ और भाजपा कि की लॉबी जिन्होंने मराठा वोट बैंक प्रभावित करने के लिए सबसे पहले प्रमोद महाजन को प्रोजेक्ट किया परंतु वह फेल हो गए फीलगुड में अच्छी भली अटल जी की सरकार दूसरी बार नहीं बन पाई, दूसरे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी वह प्रभाव नहीं जमा पाए महाराष्ट्र मैं सत्ता हाथ में आते आते फिसल गई महाराष्ट्र के साथ मध्य प्रदेश और कई राज्य में मराठा वोट को प्रभावित करना है ………मध्यप्रदेश में तो अभी भारतीय जनता के पार्टी के पास सत्ता की वापसी के साथ एक चमकदार चेहरा महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया का ही दिख रहा है—- दूसरा कारण कि, वादे के मुताबिक ‘केंद्रीय मंत्री’ नहीं बनाए जाने से ‘महाराज’ फ्रस्ट्रेशन में आ रहे थे…और पिछले चार-पांच महीने से कोप भवन में रह रहे थे… इसी वजह से उन्होंने दमोह उपचुनाव और बंगाल चुनाव में रूचि नहीं दिखाई…कोरोना महामारी जैसे संकटकाल में भी ‘लापता’ जैसे रहे…उनका गुस्सा और न बढ़ जाए, और वे कोई ऐसा ‘उल्टा-पुलटा’ राजनीतिक निर्णय न ले बैठें…जो कोरोना की वजह से पहले से ही ‘मुश्किलों’ में फंसे मोदीजी को और ‘मुश्किलात’ में डाल दे…बस इसीलिए उनको ‘केंद्रीय मंत्री’ बनाए जाने की ‘कवायद’ शुरू की गई है… तीसरा प्रमुख कारण देश के राजघरानों में महाराज का अलग प्रभाव है और राज परिवार का जनता में अलग प्रभाव है उनको भी महाराज जैसे व्यक्तित्व के कारण भाजपा से जोड़ना महत्वपूर्ण है इधर अब हालात बन रहे हैं कि ‘महाराज’ को पीएमओ से संकेत दिए गए हैं कि ‘एच.आर.डी. मिनिस्ट्री’ संभालने के तैयार रहो…बताते हैं कि ‘महाराज’ ने ‘एच. आर.डी. मिनिस्ट्री’ संभालने के हिसाब से अपने आपको तैयार करना शुरू कर दिया है…इसके लिए वे बकायदा शिक्षा-शिक्षण से जुड़ी किताबों का गंभीरता से अध्ययन करने के साथ-साथ ‘एच.आर.डी.’ के नियम-कानूनों की जानकारी हासिल कर खुद को अपडेट करने में जुट गए हैं…अब उन्हें इंतजार हैं तो सिर्फ मंत्री पद की शपथ लेने का…देखिए ‘महाराज’ के इंतजार की घड़ी कब खत्म होती है..!